क्या पूजा करने वाले परेशान रहते है?
श्रीराम!
प्रश्न --अक्सर लोग परेशान होते हैं कि "हमारे घर में इतनी भक्ति होती है, फिर भी अचानक कोई बड़ी बीमारी, दुर्घटना या आर्थिक संकट क्यों आ गया? क्या हमारे देवी-देवता कमजोर हैं?"
उत्तर- कई बार समस्या पूजा न करने की नहीं, बल्कि आपकी पूजा की ऊर्जा के सही जगह न पहुँच पाने की होती है। आइए, इसे गहराई से समझते हैं।
यदि किसी तांत्रिक प्रक्रिया से आपके घर की सुरक्षा व्यवस्था (कुलदेवता, पितर) को बाधित कर दिया जाए, तो आप जितनी पूजा करेंगे, उसका फल उल्टा भी जा सकता है और परेशानियाँ बढ़ सकती हैं।
जब किसी को नुकसान पहुँचाना होता है, तो सबसे पहले उसके कुलदेवता और पितरों को निष्क्रिय करने की कोशिश की जाती है। इन्हें बांध दिया जाता है या दूर कर दिया जाता है। एक बार यह सुरक्षा चली जाए, तो घर असुरक्षित हो जाता है और नकारात्मक ऊर्जा के घर में प्रवेश का रास्ता खुल जाता है।
हमेशा यह ज़रूरी नहीं कि कोई शत्रु क्रिया कर रहा है। कई बार अपना ही कोई, किसी कारण:, आपको अभिमंत्रित खाना-पीना खिला सकता है। आपके घर में कोई तांत्रिक वस्तु रख सकता है।
जैसे ही वह वस्तु या भोजन आपके संपर्क में आता है, आपका आध्यात्मिक कवच कमज़ोर हो जाता है।
सबसे खतरनाक समय तब आता है जब घर में किसी नकारात्मक शक्ति (जैसे मसानी) को स्थापित कर दिया जाता है। उसके बाद: आपके घर में जो भी पूजा-पाठ, हवन, जप होगा, उसकी सकारात्मक ऊर्जा उस नकारात्मक शक्ति को पुष्ट करेगी। आप जितना अधिक पूजा-पाठ बढ़ाएँगे, परेशानियाँ उतनी ही बढ़ती जाएँगी। मन में यह सवाल उठेगा कि 'देवी-देवता की पूजा से ही दिक्कत बढ़ रही है', जबकि असल में वह नकारात्मक शक्ति आपकी ऊर्जा का हरण कर लेती है।
यदि आपके घर पर इस तरह का कोई अभिचार पहले से सक्रिय है, तो कृपया घर के अंदर बैठकर उग्र तांत्रिक मंत्र, कवच का जाप पाठ न करें। इससे वह स्थापित नकारात्मक शक्ति पीडित होकर और अधिक कष्ट देगी।
समाधान के लिए, सबसे पहले किसी विशेषज्ञ से यह पुष्टि कराएँ कि वास्तव में तंत्र-बाधा है या नहीं। हर किसी के पास भागने और आधे-अधूरे उपाय करने के बजाय, एक अनुभवी मार्गदर्शक पर विश्वास करके पूरी प्रक्रिया अपनाएँ।
ऐसे मामलों में सामान्य घरेलू पूजा से आगे बढ़कर, विशेष रक्षात्मक साधनाओं और विधानों की ज़रूरत होती है, जो किसी योग्य व्यक्ति के निर्देशन में ही करने चाहिए
जय जय सीताराम ।
पं.राजेश मिश्र "कण"
भास्कर ज्योतिष्य व तंत्र अनुसंधान केन्द्र

Comments
Post a Comment